मुज़फ्फरनगर में शहर के समग्र विकास और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मेरठ रोड स्थित लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने की, जिसमें जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और नगर पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने, जनसुविधाओं के विस्तार और लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में विशेष रूप से रामपुरी क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जलनिकासी समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव जैसी समस्याएं आमजन के जीवन को प्रभावित करती हैं, इसलिए इनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
इस दौरान मंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मुज़फ्फरनगर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप शहर में बेहतर सड़कें, स्वच्छता व्यवस्था, सुचारु जलनिकासी, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अन्य स्मार्ट सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाए।बैठक में आगामी बालाजी शोभायात्रा को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक–चौबंद रखी जाए और यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाया जाए। साथ ही स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह से सक्रिय रहें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुज़फ्फरनगर को एक विकसित, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार, सड़कों का सुदृढ़ीकरण और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आम जनता से मिलने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। प्रदेश सरकार जनसेवा, सुशासन और विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मुज़फ्फरनगर को एक आदर्श स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।















