भूजल संरक्षण को लेकर विकास भवन में मंथन,

मुजफ्फरनगर। भूजल सप्ताह के अंतर्गत विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण की अध्यक्षता में भूजल संरक्षण एवं जल प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए विभिन्न विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के उपायों को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन विकास खंडों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहां सिंचाई के लिए नहरों, रजवाहों और गूलों में किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि भूगर्भ जल के दोहन को न्यूनतम किया जा सके। वहीं ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग को एक हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले तालाबों की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा मिले।

बैठक के दौरान सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय जल मिशन के तहत जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” और सभी विभागों से इसे जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। प्रभारी सहायक अभियंता लघु सिंचाई अजय कुमार ने कहा कि जल प्रकृति की अमूल्य धरोहर है, जिसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने सभी विभागों से अपने-अपने शासकीय भवनों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अनिवार्य रूप से स्थापित कराने का अनुरोध किया। जिन विभागों के पास बजट उपलब्ध नहीं है, वे लघु सिंचाई विभाग को प्रस्ताव भेजें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक के अंत में अजय कुमार ने सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी, जिला वनाधिकारी अभिनव राज, उपनिदेशक कृषि प्रमोद सिरोही सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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