पटना। बिहार की राजधानी शुक्रवार को राजनीतिक तनाव का केंद्र बनी रही, जब प्रधानमंत्री के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की कथित अपशब्द टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम पर जोरदार हंगामा किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए परिसर में घुस गए। इस दौरान कथित रूप से पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस दफ्तर में खड़े एक ट्रक का शीशा तोड़ दिया और वहां रखे सामान को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि तब तक काफी नुकसान हो चुका था और कांग्रेस कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से हमला किया और पार्टी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उनके नेताओं के खिलाफ भी अपशब्द बोले। वहीं भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि यह विरोध प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त था और इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध दर्ज कराना था।
सदाकत आश्रम में हुई इस घटना के बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुँचाने और हिंसा की राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती और कांग्रेस को अपने नेताओं की अनुशासनहीनता पर रोक लगानी चाहिए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस दफ्तर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की और अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस बवाल ने बिहार की राजनीति में नए सियासी टकराव को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।















