छत्तीसगढ़ में दिवाली से पहले राज्य सरकार को नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे विश्वास, सुरक्षा और विकास अभियान के तहत 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह ऐतिहासिक घटनाक्रम लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई सक्रिय संगठनात्मक सदस्य, प्लाटून कमांडर और महिला कैडर भी शामिल हैं। इन सभी ने सरकार की पुनर्वास नीति और समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। प्रशासन ने आत्मसमर्पण करने वालों को कानून के दायरे में सम्मानजनक पुनर्वास और जीवनयापन के अवसर प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि “बस्तर अब भय नहीं, विश्वास की पहचान बन रहा है। सरकार विकास को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने सुरक्षा बलों, प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों को इस बड़ी सफलता का श्रेय दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण न केवल नक्सली संगठनों की कमजोर होती जमीनी पकड़ का संकेत है, बल्कि स्थानीय युवाओं में विकास और शिक्षा की नई चेतना का भी प्रमाण है। बस्तर और अबूझमाड़ के इतिहास में यह दिन नक्सल उन्मूलन की दिशा में “नई सुबह” के रूप में दर्ज होगा।















