मुजफ्फरनगर में रिज़र्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने सभी क्षेत्राधिकारियों, साइबर थाना टीम और जिले के सभी थानों पर नियुक्त साइबर क्राइम यूनिटों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में नोडल अधिकारी साइबर क्राइम, पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ भी मौजूद रहीं। समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कार्यवाही को और अधिक सशक्त बनाना था। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों को सभी अधिकारियों के समक्ष विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया और उनके कड़ाई से पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराध से संबंधित प्राप्त हर शिकायत का तुरंत संज्ञान लिया जाए और उसका निस्तारण तय समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ितों की आर्थिक क्षति को कम से कम करने और अधिकतम रिकवरी के लिए बैंक, विभिन्न वित्तीय संस्थानों और विशेषकर साइबर हेल्पलाइन 1930 के साथ समन्वय मजबूत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि फ़िशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी/यूपीआई ठगी, नकली कस्टमर केयर, सोशल मीडिया हैकिंग, निवेश धोखाधड़ी और जॉब फ्रॉड जैसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि ये मामले सबसे अधिक लोगों को आर्थिक रूप से प्रभावित करते हैं।
समीक्षा गोष्ठी में निर्देश दिए गए कि साइबर थाना और सभी थानों में कार्यरत साइबर सेल तकनीकी विश्लेषण पर विशेष ध्यान दें। डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, वॉलेट ट्रेसिंग, IP और लॉग डिटेल्स के संग्रहण को प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिवाइसों और सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक या निलंबित करने की कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधियों की गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोका जा सके। साथ ही संबंधित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
एसएसपी ने साइबर जागरूकता अभियानों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम विद्यालयों, कॉलेजों, बाजारों, ग्राम सभाओं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक स्तर पर चलाए जाएं, ताकि आम जनता स्वयं सतर्क और जागरूक होकर साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके। इसके अतिरिक्त इंटर-स्टेट साइबर गैंगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अन्य राज्यों की एजेंसियों से तालमेल बढ़ाने पर भी निर्देश दिए गए।
अंत में, निर्देश दिया गया कि जिले के प्रत्येक थाने में साइबर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और शिकायतों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। समीक्षा बैठक का उद्देश्य जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना, पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाना और तकनीकी दक्षता बढ़ाकर अपराधियों को कानून के दायरे में लाना था। यह कदम मुजफ्फरनगर पुलिस की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
















