राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। वित्त और विनियोग विधेयक 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू का नाम बदलकर ‘अबू राज’ किया जाएगा। इसके साथ ही जहाजपुर का नाम ‘यज्ञपुर’ और कामा का नाम ‘कामवन’ रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नाम परिवर्तनों का निर्णय जनता की भावनाओं और ऐतिहासिक संदर्भों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पहले वर्ष 2026 में एक लाख पदों पर सरकारी भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1.25 लाख पद कर दिया गया है। उनका कहना था कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2026-27 में राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) लगभग 21,52,100 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2023-24 की तुलना में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की नीतियों और स्पष्ट इरादों का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के आकार में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य के पास अब अधिक संसाधन उपलब्ध हैं। इससे किसानों के लिए नई योजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, महिलाओं के सशक्तिकरण के कार्यक्रम और गरीबों के लिए अधिक आवंटन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था ही विकास की आधारशिला है और राजस्व आय बढ़ाए बिना सड़क, स्कूल, अस्पताल, सिंचाई परियोजनाओं और रोजगार जैसे बड़े लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता। सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए ठोस और योजनाबद्ध प्रयास किए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।















