मुजफ्फरनगर में प्रशासनिक सतर्कता के तहत जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने जिला कारागार का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और विभिन्न बैरकों, रसोईघर, अस्पताल तथा सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की समीक्षा की। सबसे पहले पुरुष और महिला बैरकों का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई, बंदियों की रहन-सहन व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी गई। रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और मेन्यू के अनुसार भोजन वितरण की प्रक्रिया की जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा साफ-सफाई में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुरुष और महिला बंदियों से सीधे संवाद कर जेल में मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके बाद कारागार कार्यालय और अभिलेखों का निरीक्षण किया गया। मुलाकाती रजिस्टर, बंदियों के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के रखरखाव की स्थिति की भी जांच की गई ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और नियमितता बनी रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए जेल परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों और जैमर प्रणाली की कार्यक्षमता की जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल के अंदर किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री प्रवेश न कर सके और शातिर बंदियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके अतिरिक्त कारागार परिसर स्थित अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया, जहां दवाइयों की उपलब्धता, ओपीडी व्यवस्था और उपचार प्रणाली की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरती जाए।
अंत में जिला कारागार अधीक्षक और तैनात पुलिस बल को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और बंदियों को सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस कार्रवाई से जेल व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया।















