ईरान वॉर के बीच डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका, परिवार के डूबे ₹5700 करोड़

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट (Cryptocurrency Market) का उतार-चढ़ाव जितना अप्रत्याशित है, उतना ही खतरनाक भी. इस बार इसकी चपेट में दुनिया के सबसे रसूखदार और राजनीतिक रूप से शक्तिशाली परिवारों में से एक आ गया है.विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बेटे एरिक ट्रंप ने अमेरिकन बिटकॉइन पर लगाया गया एक बड़ा दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया है. इस गलत फैसले की वजह से ट्रंप परिवार के साम्राज्य (Family Fortune) को 600 मिलियन डॉलर (यानी करीब 5,700 करोड़ रुपए से ज्यादा) का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है. आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है, नुकसान कैसे हुआ और इसके मायने क्या हैं.

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकन बिटकॉइन कॉर्प. को एक सिंपल आइडिया के साथ शुरू किया गया था. वो ये कि बिटकॉइन की ओनरशिप और माइनिंग से खूब पैसा कमाया जा सकता है. लेकिन इसके उलट, एरिक ट्रंप की को-फसउंडेड कंपनी गहरे संकट में फंसी हुई दिखाई दे रही है. जब बिटकॉइन मार्केट में गिरावट आई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग तेजी से बढ़ी, तो इन्वेस्टर्स ने उन माइनर्स को ज्यादा पसंद किया जो अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को AI-फोकस्ड डेटा सेंटर्स के लिए इस्तेमाल कर सकते थे.

वहीं अमेरिकन बिटकॉइन अपनी क्रिप्टो स्ट्रैटेजी पर ही कायम रही और इसके शेयरों में अपने सबसे ऊंचे स्तर से 95 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई है. ब्लूमबर्ग के हिसाब-किताब के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में एरिक ट्रंप की हिस्सेदारी की मार्केट वैल्यू में 600 मिलियन डॉलर से ज्यादा यानी 5700 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमी आई है. साथ ही, नैस्डैक पर अपनी लिस्टिंग बनाए रखने के लिए कंपनी को इस हफ्ते 1-के-बदले-15 का रिवर्स स्टॉक स्प्लिट करना पड़ा. बुधवार को इसके शेयर की कीमत अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई.

क्या क्रिप्टो कंपनियों से उठा निवेशकों का भरोसा

ये बड़ा नुकसान इस ओर इशारा कर रहा है कि कितनी तेज़ी से निवेशकों का भरोसा क्रिप्टो-ओनली कंपनियों से उठ गया है. अब सफलता इस बात से तय नहीं होती कि कौन सबसे ज्यादा बिटकॉइन बना सकता है, बल्कि इस बात से तय होती है कि किसके पास अपनी बिजली, जमीन और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से पैसे कमाने की क्षमता है.

ट्रंप परिवार के लिए, ‘अमेरिकन बिटकॉइन’ की मुश्किलें उस ओर इशारा करती है कि देश के सबसे प्रमुख परिवार के डिजिटल एसेट निवेश कितने अस्थिर हो सकते हैं. भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अपनी हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट में कम से कम 1.4 बिलियन डॉलर की क्रिप्टो कमाई बताई हो, लेकिन कई आम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है. ट्रंप से जुड़े टोकन और ‘अमेरिकन बिटकॉइन’ के शेयर की कीमत गिर गई है.

ब्लूमबर्ग के हिसाब-किताब के मुताबिक, एरिक ट्रंप के पास ‘अमेरिकन बिटकॉइन’ की लगभग 6 फीसदी हिस्सेदारी है और वे इसके चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर हैं. सलाहकार डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की हिस्सेदारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

ऐसे हुई थी कंपनी की शुरुआत

दिलचस्प बात यह है कि जब ‘अमेरिकन बिटकॉइन’ की पुरानी कंपनी शुरू हुई थी, तो उसने कहा था कि उसकी रणनीति डेटा सेंटर्स का एक पोर्टफोलियो बनाने की होगी. ‘अमेरिकन डेटा सेंटर्स इंक.’ – जिसे एरिक ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर का सपोर्ट था – को ट्रंप की सलाह पर चलने वाले इन्वेस्टमेंट बैंक ‘डोमिनारी होल्डिंग्स इंक.’ ने फरवरी 2025 में शुरू किया था. उस समय एरिक ट्रंप ने कहा था कि यह “अमेरिका में AI इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी” है.

AI की ओर बदलाव

पिछले नौ महीनों में जब क्रिप्टो की कीमतें गिरीं, तो निवेशकों ने उन US-बेस्ड माइनर्स को फायदा पहुंचाया जिन्होंने अपना कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर AI के लिए किराए पर दिया. Riot Platforms Inc., Cipher Digital Inc., MARA Holdings Inc. और TeraWulf Inc. – सभी ने डेटा सेंटर्स में एक्सपेंड करने के लिए डील्स की घोषणा की.

इस साल उनके शेयरों में औसतन 60 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जबकि अमेरिकन बिटकॉइन में 77 फीसदी की गिरावट आई है. Needham & Co. के एनालिस्ट जॉन टोडारो ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा कि मेरी कवरेज में शामिल हर कंपनी HPC (हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट) की ओर बढ़ रही है. लेकिन अमेरिकन बिटकॉइन अपनी बिटकॉइन-माइनिंग और डिपॉजिट करने की रणनीति पर ही कायम रहा है. हो सकता है कि उनके पास ज्यादा विकल्प न हों.

कंपनी के कोर असेट्स उसके माइनिंग रिग्स और बिटकॉइन होल्डिंग्स हैं. बिजली, साइट्स, होस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजाना के माइनिंग ऑपरेशन की सुविधा ‘हट 8’ (Hut 8) देती है, जो ‘अमेरिकन बिटकॉइन’ की ज्यादा हिस्सेदारी वाली मालिक है और खास सर्विस एग्रीमेंट के तहत ये सुविधाएं देती है. इससे AI डेटा-सेंटर से जुड़े ज़्यादातर विकल्प ‘हट 8’ के पास आ जाते हैं. कंपनी ने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और अरबों डॉलर के AI डेटा सेंटर लीज के आधार पर रीब्रांडिंग करके इसी रणनीति पर जोर दिया है. इस साल ‘हट 8’ के शेयर दोगुने से ज़्यादा बढ़ गए हैं.

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