पूर्णिया। सीमांचल दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को पूर्णिया में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिनकी संपत्ति में अल्प समय में असामान्य वृद्धि हुई है।गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक आर्थिक रूप से सशक्त हुए व्यक्तियों की आय के स्रोतों की गहन जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किन कारणों से कुछ लोग देखते-देखते “धनकुबेर” बन गए और उनकी संपत्ति वृद्धि का वास्तविक आधार क्या है।
सूत्रों के अनुसार, सीमावर्ती जिलों में पिछले कुछ वर्षों में संपत्ति के तेज विस्तार, भूमि खरीद-बिक्री और व्यावसायिक निवेश के मामलों की सूची तैयार की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वित्तीय लेन-देन, अचल संपत्ति और कारोबारी नेटवर्क की परत-दर-परत पड़ताल करें। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एजेंसियां सख्त कार्रवाई करेंगी।बैठक में केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य प्रशासन के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने कहा कि सीमाई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी आवश्यक है।
बताया गया कि इस अभियान के तहत संदिग्ध आर्थिक मामलों की अलग से मॉनिटरिंग की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर विशेष जांच दल भी गठित किए जा सकते हैं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और कानून के दायरे में रहते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीमांचल क्षेत्र में इस निर्देश के बाद प्रशासनिक हलकों में सक्रियता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आर्थिक अनियमितताओं और संदिग्ध संपत्ति मामलों को लेकर कई अहम खुलासे हो सकते हैं। गृह मंत्री के सख्त रुख से यह संकेत गया है कि सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक गतिविधियों की गहन निगरानी अब प्राथमिकता में रहेगी।















