दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। दीपावली के बाद से हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद के विपरीत, हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हवा की गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार पहुंच गया है, जिससे वायु ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों जैसे आनंद विहार, आईटीओ, पंजाबी बाग, और नोएडा सेक्टर-62 में AQI 220 से 260 के बीच रिकॉर्ड किया गया है। यह स्थिति सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है।
प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अस्पतालों में सांस फूलने, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्यों और मौसम में नमी की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रैप-2 लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, एनसीआर के शहरों में भी प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए पानी का छिड़काव, सड़क की सफाई और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए हैं।
फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक हवा की दिशा और गति में खास बदलाव नहीं होगा, जिससे प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।















