मुजफ्फरनगर। वर्षा ऋतु के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों, बाढ़ चौकियों, राहत शिविरों, आश्रय स्थलों, तटबंधों तथा मानव एवं पशुओं में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए किए जा रहे इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी मजबूत और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए जिससे किसी भी परिस्थिति में जनहानि या संपत्ति की क्षति न होने पाए। सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ पूर्व तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालों और नालियों की सफाई का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने को कहा गया, ताकि जलभराव और जलप्लावन जैसी स्थितियों से बचा जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होते ही राहत सामग्री का वितरण तत्काल शुरू किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। लोक निर्माण विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों का सर्वेक्षण समय पर पूरा करने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बिजली विभाग को विद्युत आपूर्ति एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा गया।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने कहा कि सिंचाई, स्वास्थ्य, विद्युत और लोक निर्माण विभाग की भूमिका बाढ़ प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची तैयार करने तथा अस्थायी पंपिंग सेटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के टीकाकरण, चारे और उपचार की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महादिक अक्षय संजय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क और तैयार रखा जाएगा।















