मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कैलेंडर के अनुसार जिला कारागार मुजफ्फरनगर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला कारागार की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कारागार की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक तथा महिला बैरक का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी तथा लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम से जुड़े अधिवक्ताओं ने कारागार में निरुद्ध दोषसिद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बंदियों को बताया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में उपलब्ध विधिक सहायता का लाभ उठा सकते हैं।
अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और शिकायतें भी सुनीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि यदि किसी दोषसिद्ध बंदी को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में किसी प्रकार की कानूनी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है तो वह जिला कारागार प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकता है। ऐसे मामलों में आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि जिन बंदियों के प्रकरण ई-जेल लोक अदालत अथवा जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं, उनकी सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को शीघ्र प्रेषित की जाए। इससे ऐसे मामलों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा बंदियों को समय पर न्यायिक राहत मिल सकेगी।
इसके अतिरिक्त जिन बंदियों की जमानत याचिकाएं अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित हैं अथवा जिन मामलों में विधिक सहायता की आवश्यकता है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। निरीक्षण के दौरान कारागार की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा बंदियों को न्याय तक सहज पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
















