मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत जुलाई 2026 के लिए जनपद में निशुल्क खाद्यान्न वितरण 6 जुलाई से 20 जुलाई तक किया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुसार अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को ई-पॉस मशीन के माध्यम से निर्धारित मात्रा में राशन वितरित किया जाएगा। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 21 किलोग्राम गेहूं और 14 किलोग्राम चावल, कुल 35 किलोग्राम खाद्यान्न निशुल्क मिलेगा। वहीं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किलोग्राम गेहूं और 2 किलोग्राम चावल, यानी कुल 5 किलोग्राम खाद्यान्न निशुल्क वितरित किया जाएगा। इसके अलावा अंत्योदय कार्डधारकों को अप्रैल, मई और जून 2026 के सापेक्ष कुल 3 किलोग्राम चीनी 18 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए उन्हें कुल 54 रुपये का भुगतान करना होगा। राशन वितरण जिलाधिकारी द्वारा नामित नोडल एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों की मौजूदगी में कराया जाएगा। गेहूं और चावल के वितरण में पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे लाभार्थी उपलब्ध स्टॉक की सीमा तक किसी अन्य उचित दर दुकान से भी राशन प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि चीनी वितरण में पोर्टेबिलिटी की सुविधा लागू नहीं होगी और अंत्योदय कार्डधारकों को अपनी मूल राशन दुकान से ही चीनी लेनी होगी। जिन लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण किसी कारणवश नहीं हो सकेगा, उन्हें मोबाइल ओटीपी सत्यापन के माध्यम से 20 जुलाई तक राशन प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी। राशन वितरण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने दुकानवार और क्षेत्रवार पर्यवेक्षण अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए उन्हें उचित दर दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित उपजिलाधिकारी और जिला पूर्ति कार्यालय को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों से निर्धारित अवधि के भीतर ई-पॉस मशीन के माध्यम से अपना निशुल्क खाद्यान्न प्राप्त करने की अपील की है। साथ ही उचित दर विक्रेताओं को शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शी एवं नियमसम्मत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2024 से अगले पांच वर्षों तक अंत्योदय और पात्र गृहस्थी लाभार्थियों को मिलने वाले निशुल्क खाद्यान्न का पूरा व्यय भारत सरकार वहन कर रही है।















