आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना ही करियर बनाने के लिए काफी नहीं है. अच्छी नौकरी पाने के लिए स्टूडेंट्स के पास प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और प्रोफेशनल स्किल्स होना भी जरूरी है. ऐसे में इंटर्नशिप युवाओं के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकती है. भारत सरकार और उससे जुड़े कई संस्थान छात्रों को इंटर्नशिप और फेलोशिप के अवसर देते हैं. कुछ प्रोग्राम में स्टाइपेंड भी मिलता है, जबकि कुछ में सर्टिफिकेट और काम सीखने का एक्सपीरियंस मिलता है.इनकी मदद से छात्र सरकारी कामकाज, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और पब्लिक पॉलिसी जैसे क्षेत्रों को समझ सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रमुख इंटर्नशिप प्रोग्राम के बारे में.
UIDAI इंटर्नशिप
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) तकनीकी और मैनेजमेंट से जुड़े छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर देता है. इसकी अवधि 6 से 12 महीने तक हो सकती है. कार्यक्रम की शर्तों के अनुसार एलिजिबल छात्रों को स्टाइपेंड भी दिया जाता है. टेक्नोलॉजी, डेटा और मैनेजमेंट में इंटरेस्ट रखने वाले युवाओं के लिए यह उपयोगी विकल्प हो सकता है.
नीति आयोग इंटर्नशिप
नीति आयोग में इंटर्नशिप करके छात्र सरकारी नीतियों को बनाने और लागू करने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं. यह प्रोग्राम आमतौर पर बिना स्टाइपेंड के होता है. इसकी अवधि प्रोजेक्ट और निर्धारित नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. पब्लिक पॉलिसी, इकोनॉमिक्स और डेवलपमेंट सेक्टर में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह अच्छा अवसर है.
विदेश मंत्रालय इंटर्नशिप
विदेश मंत्रालय का इंटर्नशिप प्रोग्राम अंतरराष्ट्रीय मामलों में इंटरेस्ट रखने वाले छात्रों के लिए उपयोगी है. इसके जरिए युवाओं को विदेश नीति और कूटनीतिक गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिलता है. इसमें सेलेक्शन, अवधि और स्टाइपेंड से जुड़ी शर्तें आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार तय होती हैं.
लोकसभा रिसर्च फेलोशिप
रिसर्च और पब्लिक पॉलिसी में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए लोकसभा से जुड़े रिसर्च प्रोग्राम उपयोगी हो सकते हैं. इनके माध्यम से संसदीय कामकाज, कानून और सार्वजनिक मुद्दों पर रिसर्च करने का एक्सपीरियंस मिलता है. फेलोशिप की अवधि और आर्थिक सहायता संबंधित योजना के नियमों पर निर्भर करती है.
MyGov इंडिया वर्चुअल इंटर्नशिप
डिजिटल मीडिया, कम्युनिकेशन और गवर्नेंस में इंटरेस्ट रखने वाले छात्र MyGov इंडिया के इंटर्नशिप अवसरों पर नजर रख सकते हैं. ऑनलाइन माध्यम से काम करने वाले इन प्रोग्राम में सरकारी अभियानों और डिजिटल गतिविधियों से जुड़ने का मौका मिल सकता है. सर्टिफिकेट और स्टाइपेंड की उपलब्धता प्रोग्राम की शर्तों पर निर्भर करती है.















