बांदा। पढ़ाई के लिए घर से निकला एक छात्र खून से लथपथ जिला अस्पताल पहुंचा। पेपर देने जा रहे छात्र को रास्ते में रोककर पहले गाली-गलौज की गई, फिर चाकू मार दिया गया। छात्र जिला अस्पताल में भर्ती है और पुलिस पर सबसे बड़ा सवाल यही है – हमलावर अब तक खुले में कैसे घूम रहे हैं।जिला अस्पताल में भर्ती छात्र ने बताया कि उसका नाम अंकित विश्वकर्मा है, वह थाना पैलानी क्षेत्र के खप्टिहा गांव का रहने वाला है।अंकित ने बताया मैं कॉलेज पेपर देने जा रहा था। तभी रास्ते में कुछ लोग आ गए और गाड़ी से उतरने को कहा। उतरते ही गाली-गलौज करने लगे और फिर चाकू मार दिया। अंकित के मुताबिक उसके ऊपर एक चाकू से वार किया गया। हमले में उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि हमला करने वालों में राम सिंह, कृष्णा, शिवम और प्रियांशु शामिल थे। उसने बताया कि कुल 2-3 लोग थे, जिन्होंने उसे घेर लिया था। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि अंकित का कहना है मेरी हमलावरों से उनसे कोई पुरानी रंजिश नहीं थी, कोई लड़ाई-झगड़ा पहले से नहीं हुआ था। बस उतरते ही गाली दी और चाकू मार दिया। अगर कोई रंजिश ही नहीं थी, तो फिर एक सीधे-सादे छात्र पर चाकू से हमला क्यों? क्या ये सिर्फ दबंगई थी? क्या पेपर से रोकने की साजिश थी? या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है? ये सवाल अब पूरे पैलानी में गूंज रहा है। अंकित ने बताया कि हमले के बाद उसे सीधे जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन अभी तक पुलिस ने किसी को पकड़ा नहीं है। अब परिजन और छात्र समुदाय यही मांग कर रहा है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, नहीं तो कल कोई और छात्र भी ऐसे ही हमले का शिकार हो सकता है।















