अगर आप भी ये सोचते हैं कि कैंसर का लक्षण सिर्फ गांठ से मालूम चलता है, तो आप एकदम गलत है, क्योंकि गांठ के अलावा भी कई लक्षण ऐसे होते हैं जो कैंसर की ओर इशारा करते हैं. आइए NCI से जानें कैसे दिखते हैं कैंसर के लक्षण?WHO के अनुसार, कैंसर दुनियाभर में मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है, जिससे 2024 में लगभग 1 करोड़ लोगों की मौत हुई.कैंसर के 100 से ज्यादा प्रकार होते हैं, जो शरीर के किसी भी अंग या टिशू को प्रभावित कर सकते हैं.2024 में फेफड़ों का कैंसर (26 लाख मामले) और स्तन कैंसर (24 लाख मामले) सबसे आम नए कैंसर के प्रकार थे.कैंसर के लक्षणों में स्तन में गांठ, पेशाब में खून, लगातार खांसी, त्वचा में बदलाव और बिना कारण वजन घटना शामिल हैं.
कैंसर का नाम सुनकर ही लोगों के दिल में डर बैठ जाता है कि कहीं उनको भी ये बीमारी अपना शिकार न बना ले. शरीर में होने वाले छोट से छोटे बदलावों को लोग कैंसर का लक्षण समझ लेते हैं और इस डर के साथ जीने लगते हैं कि कहीं ये बीमारी उनकी जान के लिए खतरा न बन जाए. इसी बीमारी को लेकर आपने कई बार सुना होगा कि इसके एक बड़ा लक्षण शरीर में असामान्य गांठ होती है. अब जिस किसी को शरीर के किसी हिस्से में किसी और कारण से भी गांठ या उसके जैसा कुछ दिखाई देता है, तो वह उसे कैंसर मानने लगते हैं और तनाव में रहने लगते हैं. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ गांठ ही इकलौता एक लक्षण है, जो शरीर में कैंसर के होने की खबर देता है, बल्कि इसके अलावा भी कई ऐसे लक्षण हैं, जो कैंसर के खतरे को बताते हैं. इस स्टोरी में हम आपको शरीर में दिखने वाले कुछ ऐसे बदलावों के बारे में बताएंगे, जो कैंसर की ओर इशारा करते हैं.
कैंसर की बीमारी किसी भी अंग को बना सकती है निशाना
कैंसर का नाम सुनकर फेफड़ों या किडनी का कैंसर ही दिमाग में आता है, लेकिन जानकारी के अनुसार, कैंसर के 100 से भी ज्यादा प्रकार होते हैं, जो व्यक्ति के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकते हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर कैंसर शरीर में पहुंचता कैसे है क्या ये हवा से आता है या कुछ और कारण है? WHO कैंसर की बीमारी को लेकर बताता है कि, ये एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर के लगभग किसी भी अंग या टिशू में शुरू हो सकती है और व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती है. इस बीमारी में शरीर की कुछ असामान्य कोशिकाएं कंट्रोल से बाहर हो जाती है और अनियमित तरीके से बढ़ने लगती हैं. इतना ही नहीं, ये बढ़ती कोशिकाएं आसपास के हेल्दी टिश्यू को नुकसान पहुंचाने लगती है. कई बार ये कोशिकाएं (Cells) शरीर के दूसरे अंगों तक भी फैल जाती हैं, जिससे उन हिस्सों में भी बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है. कैंसर शरीर के किसी भी अंग में पनप सकता है और किसी को भी अपना शिकार बना सकता है.
कैंसर की बीमारी से हर साल जान गवाते मरीज
WHO के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कैंसर दुनियाभर में होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है. साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी के कारण दुनियाभर में करीब 1 करोड़ लोगों की मौत हुई, जोकि बहुत बड़ी संख्या है. नए मामलों में फेफड़ों, स्तन, कोलन और रेक्टम (बड़ी आंत), प्रोस्टेट, त्वचा और पेट के कैंसर सबसे आम रहे. वहीं, कैंसर से होने वाली मौतों में फेफड़ों, कोलन और रेक्टम, लिवर, स्तन और पेट के कैंसर प्रमुख कारणों में शामिल थे. आंकड़ों के अनुसार, हर साल 0 से 19 साल की उम्र के लगभग 4 लाख बच्चों और एडल्ट में कैंसर का पता चलता है, जोकि बताता है कि कैंसर सिर्फ बुजर्गों तक सीमित नहीं रही.
साल 2024 में सबसे ज्यादा सामने आए कैंसर के प्रकार
| कैंसर का प्रकार | नए मामले (2024) |
|---|---|
| फेफड़ों का कैंसर | 26 लाख |
| स्तन कैंसर | 24 लाख |
| कोलन और रेक्टम का कैंसर | 20 लाख |
| प्रोस्टेट कैंसर | 15 लाख |
| त्वचा का कैंसर (नॉन-मेलानोमा) | 11 लाख |
| पेट का कैंसर | 10 लाख |
2024 में कैंसर से होने वाली प्रमुख मौतें
| कैंसर का प्रकार (Type of Cancer) | मौतों की संख्या (Number of Deaths) |
|---|---|
| फेफड़ों का कैंसर (Lung) | 1.86 Million (18.6 लाख) |
| कोलन और रेक्टम का कैंसर (Colon and Rectum) | 918,000 (9.18 लाख) |
| लिवर का कैंसर (Liver) | 732,000 (7.32 लाख) |
| स्तन का कैंसर (Breast) | 694,000 (6.94 लाख) |
| पेट का कैंसर (Stomach) | 642,000 (6.42 लाख) |
क्या सिर्फ गांठ ही है कैंसर का लक्षण?
कैंसर के लक्षण शरीर के प्रभावित हिस्से और बीमारी के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ गांठ पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि दूसरे लक्षणों के बारे में जानकारी भी जरूरी है. कुछ लक्षण सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे भी लग सकते हैं, लेकिन अगर कोई परेशानी लंबे समय तक बनी रहे या बिना किसी स्पष्ट कारण के दिखाई दे रही है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है, क्योंकि ये कैंसर के कुछ संभावित लक्षण भी हो सकते हैं. NIC के अनुसार, कैंसर की बीमारी में जो लक्षण दिखते हैं, उनमें;
स्तन में बदलाव
स्तन या बगल में गांठ महसूस होना या कोई हिस्सा सख्त लगना.
निप्पल के आकार में बदलाव या उससे असामान्य पदार्थ निकलना.
स्तन की त्वचा पर खुजली, लालिमा, पपड़ी, गड्ढे या सिकुड़न दिखाई देना.
पेशाब से जुड़ी समस्याएं
पेशाब करने में परेशानी होना.
पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना.
पेशाब में खून आना.
बिना किसी खून बहना
बिना किसी कारण शरीर से खून बहना या आसानी से चोट के निशान पड़ना.
मल त्याग में बदलाव
मल में खून आना.
बार-बार या सामान्य से अलग तरीके से मल त्याग करना.
लगातार खांसी या आवाज में बदलाव
खांसी का लंबे समय तक ठीक न होना.
आवाज में भारीपन या लगातार बैठना.
शरीर में गांठ या सूजन
गर्दन, बगल, पेट या जांघों के बीच के हिस्से (ग्रोइन) में गांठ या सूजन दिखाई देना.
खाने-पीने से जुड़ी समस्याएं
खाना खाने के बाद सीने में जलन या अपच की समस्या लगातार बने रहना.
खाना या पानी निगलने में परेशानी होना.
पेट में दर्द होना.
मतली या उल्टी आना.
भूख न लगना
त्वचा में बदलाव
- त्वचा पर मांस के रंग की गांठ बनना, जिसमें खून आए या पपड़ी जमने लगे.
- नया तिल बनना या पुराने तिल के आकार, रंग में बदलाव आना.
- त्वचा का घाव लंबे समय तक ठीक न होना.
- त्वचा या आंखों के सफेद हिस्से का पीला पड़ना, जिसे पीलिया कहते हैं.
- मुंह में बदलाव
- जीभ या मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना.
- होंठ या मुंह में खून आना, दर्द होना या सुन्नपन महसूस होना.
- न्यूरोलॉजिकल समस्याएं
- बार-बार सिरदर्द होना.
- दौरे पड़ना.
- देखने की क्षमता में बदलाव आना.
- सुनने में परेशानी होना.
- चेहरे का एक हिस्सा लटकना या कमजोर दिखाई देना
- बिना किसी कारण के वजन बढ़ना या कम होना.
जरूरत से ज्यादा थकान
- बिना किसी कारण हर वक्त थकान महसूस करना, जो लंबे समय तक बनी रहे और आराम करने के बाद भी ठीक न हो.
- बुखार और रात में पसीना आना
- बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार बुखार होना.
- रात में बहुत ज्यादा पसीना आना.
ध्यान देने वाली बात ये भी है कि, इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर ही है. इनके पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं. इसलिए कोई लक्षण लगातार बना रहे, असामान्य हो या बढ़ता जाए, तो डॉक्टर से सलाह लें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें.















