क्या-क्या शिकायतें सामने आई हैं?
मिली जानकारी के अनुसार अभिभावकों का कहना है कि सरकार की तरफ से बांटे गए जूते बेहद घटिया क्वालिटी के हैं और कुछ ही दिनों के इस्तेमाल में टूट-फूट रहे हैं। जूतों के साथ मिलने वाले मोजों की गुणवत्ता भी बहुत ही खराब बताई जा रही है।
शिकायत आने के बाद एक्शन में सरकार
अब जब इस प्रकार की शिकातयें लगातार सामने आने लगी और जब पूरे मामले ने सियासत तेज कर दी, उप लोकायुक्त जस्टिस केएन फणीन्द्र ने इस पर खुद संज्ञान लिया है। उन्होंने राज्य के 15 जिलों में इस पूरे मामले की शुरुआती जांच करने के आदेश दे दिए हैं।इसके साथ ही, राज्य सरकार ने भी अपने स्तर पर एक अंदरूनी जांच बिठा दी है ताकि यह पता चल सके कि जूतों की क्वालिटी में इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे और किसकी वजह से हुई।























































