धूप में जाने पर दाने-खुजली होने की समस्या, 6 काम करने से मिलेगी राहत.

धूप हमारे शरीर के लिए विटामिन डी का महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन कुछ लोगों में यही धूप त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते और छोटे-छोटे दाने पैदा कर सकती है। इस स्थिति को पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन (Polymorphous Light Eruption – PMLE) कहा जाता है। यह दुनिया में सूर्य की रोशनी से जुड़ी सबसे आम त्वचा समस्याओं में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखी जाती है, खासकर 20 से 30 वर्ष की आयु के बीच की महिलाएं को यह समस्या हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, प्रतिरक्षा प्रणाली की अलग प्रतिक्रिया और आनुवंशिक कारक पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन में भूमिका निभा सकते हैं।

पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन (PMLE) क्या है?

मैयोक्लीनिक के अनुसार पीएमएलई एक फोटोडर्माटोसिस (Photodermatosis) है, यानी ऐसी स्किन प्रोब्लम जो सूर्य की अल्ट्रावायलेट (UV-A और UV-B) किरणों के संपर्क में आने के बाद विकसित होती है। इसे आम भाषा में “सन एलर्जी” कहा जाता है, लेकिन यह पारंपरिक एलर्जी नहीं है। इसमें त्वचा की प्रतिरक्षा प्रणाली सूर्य की किरणों के प्रति अत्यधिक प्रतिक्रिया देती है। धूप में कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रहने के बाद त्वचा पर लाल चकत्ते, छोटे दाने, खुजली या जलन दिखाई दे सकती है। ये लक्षण अक्सर उन हिस्सों में होते हैं जो पहली बार या लंबे समय बाद धूप के संपर्क में आते हैं, जैसे गर्दन, हाथ, छाती और कंधे।

20-30 साल की महिलाओं में इसका जोखिम अधिक क्यों होता है?

युवतियों में पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन (Designed By Magnific)

क्लीवलैंड क्लनिक और एनसीबीआई के अनुसार पीएमएलई महिलाओं में पुरुषों की तुलना में लगभग 2 से 3 गुना अधिक देखा जाता है। इसके पीछे कई संभावित कारण माने जाते हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली की अलग प्रतिक्रिया

महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रणाली कई मामलों में अधिक सक्रिय होती है, जिससे यूवी किरणों के प्रति असामान्य प्रतिक्रिया होने की संभावना बढ़ सकती है।

आनुवंशिक कारण

यदि परिवार में किसी सदस्य को पीएमएलई रहा है, तो अन्य लोगों में भी इसका जोखिम बढ़ सकता है।

कम धूप के बाद अचानक अधिक एक्सपोजर

सर्दियों के बाद गर्मियों की शुरुआत में अचानक तेज धूप में जाने से पीएमएलई होने की संभावना बढ़ जाती है।

हार्मोनल प्रभाव

एस्ट्रोजन और अन्य महिला हार्मोन त्वचा की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध पर अभी और शोध जारी है।

पीएमएलई के सामान्य लक्षण कौन-कौन से हैं?

युवतियों में पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन (Designed By Magnific)

हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार पीएमएलई के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, ये लक्षण आमतौर पर धूप में जाने के कुछ घंटों से लेकर 1-2 दिन के भीतर दिखाई देते हैं। सबसे अधिक प्रभावित हिस्से में गर्दन, छाती, कंधे, हाथ और बाजू को शामिल किया जाता है। इस दौरान स्किन पर दिखाई देने वाले लक्षण आगे बताए गए हैं।

  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • छोटे-छोटे दाने (Papules)
  • खुजली
  • जलन या चुभन
  • छोटे फफोले(कुछ मामलों में)
  • त्वचा का उभरा हुआ दिखना (Plaques)

पीएमएलई से बचाव के लिए क्या करें?

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक पीएमएलई को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन आगे बताए उपाय जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं।

  • सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप से बचें।
  • SPF 30 या उससे अधिक ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं।
    • हर 2 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाएं।
  • फुल स्लीव कपड़े, टोपी और धूप का चश्मा पहनें।
  • लंबे समय बाद अचानक तेज धूप में जाने से बचें।
  • यदि हर साल समस्या होती है, तो गर्मियों की शुरुआत से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

पॉलीमॉर्फस लाइट इरप्शन (PMLE) धूप से जुड़ी एक सामान्य त्वचा समस्या है, जो विशेष रूप से 20 से 30 वर्ष की महिलाओं में अधिक देखी जाती है। यह त्वचा की प्रतिरक्षा प्रणाली की यूवी किरणों के प्रति असामान्य प्रतिक्रिया के कारण होती है और इसमें लाल चकत्ते, खुजली तथा छोटे दाने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि यह स्थिति आमतौर पर गंभीर नहीं होती, लेकिन बार-बार होने पर दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। सही सन प्रोटेक्शन, धीरे-धीरे धूप के संपर्क में आना और समय पर त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेने से इसके लक्षणों और दोबारा होने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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