मुजफ्फरनगर में बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी को काफी बढ़ा दिया है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र कुमार तिरखा ने आमजन को गर्मी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है, इसलिए जरूरी है कि सभी लोग सतर्क रहें और खान-पान के साथ-साथ अपनी दिनचर्या में भी सावधानी बरतें।
डॉक्टर तिरखा के अनुसार गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी है कि लोग साफ और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने सलाह दी कि घर से बाहर निकलने से पहले पानी जरूर पीकर निकलें ताकि शरीर में नमी बनी रहे। इसके अलावा तेज धूप में बाहर निकलते समय सिर को ढकना बेहद जरूरी है, इसके लिए टोपी, गमछा या दुपट्टे का इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर दोपहर के समय, जब धूप सबसे ज्यादा तेज होती है, उस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए।
खान-पान को लेकर भी उन्होंने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में बासी खाना और पहले से कटे हुए फल खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उल्टी-दस्त और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके बजाय ताजे फल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन करना बेहतर रहता है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि बहुत जरूरी काम न हो तो लोगों को घर में ही रहना चाहिए और धूप के सीधे संपर्क से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इस तरह की छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लोग खुद को और अपने परिवार को गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रख सकते हैं।























































