मुजफ्फरनगर के पवित्र तीर्थ स्थल शुकतीर्थ स्थित शुकदेव आश्रम में विश्वविख्यात संत मोरारी बापू के श्रीमुख से नौ दिवसीय राम कथा का भव्य और विधिवत शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान एनआरआई चेतन भाई ने अपनी पत्नी के साथ व्यासपीठ पूजन और माल्यार्पण कर किया। इसके बाद उन्होंने मोरारी बापू का सम्मान कर कथा का विधिवत आरंभ कराया।
इस अवसर पर स्वामी ओमानंद सरस्वती, स्वामी केशवानंद, जनार्दन स्वरूप ब्रह्मचारी, हनुमान दास महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कथा के प्रथम दिवस मोरारी बापू ने गंगा का स्मरण करते हुए शुकदेव जी की तपस्थली को नमन किया और संत परंपरा का सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई “सुक सनकादि भगत मुनि नारद…” को आधार बनाकर इस कथा का नाम “मानस शुकतीर्थ” रखा।अपने प्रवचन में बापू ने आत्मसाक्षात्कार और परोपकार को जीवन का मूल बताया। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ जैसी पवित्र भूमि साधना, श्राद्ध और भागवत श्रवण के लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने अपने पूर्व अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि यहां उन्हें गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हुई थी। बापू ने आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कथा श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।पूरे आयोजन के दौरान शुकतीर्थ में आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहां श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। यह कथा आगामी नौ दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करती रहेगी।























































