मुजफ्फरनगर की सामाजिक कार्यकर्ता और साक्षी वेल्फेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष शालू सैनी एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं की मिसाल बन गई हैं। हाल ही में शहर कोतवाली थाना क्षेत्र से सूचना मिलने पर उन्होंने एक लावारिस मृतक के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। मृतक के परिजन विदेश में रहते थे और समय पर पहुंच नहीं सके, ऐसे में शालू सैनी ने सहयोगियों के साथ मिलकर वारिस बनकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया।यह कोई पहली घटना नहीं है, शालू सैनी अब तक सैकड़ों लावारिस शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर चुकी हैं। उनकी इसी सेवाभावना के लिए उन्हें वर्ल्ड गिनीज रिकॉर्ड में स्थान मिला है। उन्हें “लावारिसों की वारिस” के नाम से पहचान मिली है और वह इस कार्य को पूरी निष्ठा के साथ बिना किसी सरकारी सहायता के निभा रही हैं। उनका मानना है कि अगर किसी का अंत समय सम्मानजनक हो जाए तो वही सबसे बड़ी सेवा है।उन्होंने बताया कि उनके पास संसाधनों की भारी कमी है, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उनका कहना है कि अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों तो हर मुश्किल रास्ता आसान बन जाता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि इस पुण्य कार्य में अपनी भागीदारी जरूर निभाएं। इच्छुक व्यक्ति साक्षी वेल्फेयर ट्रस्ट के नंबर 8273189764 पर गूगल पे या फोन पे के माध्यम से आर्थिक सहयोग कर सकते हैं।शालू सैनी का स्पष्ट मानना है कि इस दुनिया में कोई कुछ साथ नहीं लाता और ना ही कुछ लेकर जाता है। ऐसे में अगर हम अपनी कमाई का कुछ हिस्सा समाज सेवा में लगाते हैं तो वह सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य अकेले संभव नहीं होते, इसके लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। उनकी अपील है कि जिनका इस संसार में कोई नहीं है या जिनके परिवारजन असमर्थ हैं, ऐसे लोगों की अंतिम यात्रा में समाज जरूर सहयोग करे।























































