मुजफ्फरनगर। हैदरपुर वेटलैंड की प्राकृतिक संपदा का उपयोग स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए किए जाने की संभावनाओं का जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने निरीक्षण किया। जिला प्रशासन की पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को वेटलैंड में उपलब्ध जल वनस्पति से विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने के माध्यम से रोजगार से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी ने हैदरपुर वेटलैंड पहुंचकर मौके का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों एवं एनजीओ के पदाधिकारियों से संभावनाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जल वनस्पति की उपलब्धता, उसके उपयोग और उससे तैयार किए जा सकने वाले उत्पादों के संबंध में चर्चा की गई। प्रशासन का उद्देश्य वेटलैंड की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए उसका ऐसा उपयोग सुनिश्चित करना है, जिससे स्थानीय लोगों विशेषकर महिलाओं को आय का साधन मिल सके। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर जल वनस्पति से हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस दिशा में व्यावहारिक योजना तैयार की जाए और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। प्रशासन का मानना है कि इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हैदरपुर वेटलैंड की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।















