राष्ट्रीय ध्वज की दुर्दशा पर उठे सवाल.

बांदा। नरैनी के सरकारी परिसर में राष्ट्रीय ध्वज की दुर्दशा ने व्यवस्था की संवेदन शीलता पर उठाए सवाल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए और तिरंगा यात्राओं के माध्यम से देशभक्ति का संदेश दिया गया, वहीं नरैनी के खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सीएलएफ भवन की छत से सामने आई एक तस्वीर ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में राष्ट्रीय ध्वज बारिश के पानी और बिखरे सामान के बीच पड़ा दिखाई दे रहा है। सरकारी परिसर में तिरंगे की ऐसी स्थिति सामने आने से लोगों में नाराजगी है और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जगह-जगह तिरंगा यात्राएं निकाली गईं और देशभक्ति का संदेश दिया गया। ऐसे माहौल के कुछ ही दिनों बाद सरकारी परिसर में तिरंगे की यह स्थिति सामने आना गंभीर विषय माना जा रहा है। राष्ट्रीय ध्वज केवल किसी आयोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और शहीदों के बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? मामले में केवल किसी कर्मचारी की लापरवाही मानकर जिम्मेदारी समाप्त करना भी उचित नहीं होगा। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके साथ यह भी जांच का विषय है कि सरकारी भवन और परिसर की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों ने समय रहते इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया। सरकारी परिसर में राष्ट्रीय ध्वज की ऐसी स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जब स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के सम्मान को लेकर बड़े स्तर पर कार्यक्रम और यात्राएं आयोजित की गईं, तो सरकारी परिसर में राष्ट्रीय ध्वज की दुर्दशा सामने आने पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि क्या कार्रवाई की मांग करेंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। मामले को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर यह निर्धारित किया जाए कि राष्ट्रीय ध्वज को इस स्थिति तक पहुंचने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी और निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts