मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीड्यू योजना के तहत फसल अवशेष न जलाए जाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों और कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर बिना सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के संचालित नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान अवशेष खेत में न जलाए जाएं, इसके लिए आवश्यक मशीनरी का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाना पर्यावरण और मिट्टी दोनों के लिए नुकसानदायक है। किसान फसल अवशेष, गन्ने की पत्ती और धान की पराली आदि को जलाने के बजाय इन-सीटू कृषि यंत्रों की मदद से खेत में ही काटकर मिट्टी में मिला दें। इससे फसल अवशेष का उचित प्रबंधन होने के साथ ही मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने स्तर से किसानों को फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को भी निर्धारित नियमों का पालन कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, पंजाब नेशनल बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक, कृषि विज्ञान केंद्र चित्तौड़ा के वैज्ञानिक तथा नाबार्ड के डीडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।















