मुजफ्फरनगर।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल होने के कारण वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ‘नो वैलिड पीयूसीसी, नो फ्यूल’ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी तेज कर दी गई है। जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय ने बताया कि प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, खाद्य एवं रसद अनुभाग-7, लखनऊ के पत्र संख्या 937/29-7-2026 (2045629) दिनांक 30 सितंबर 2026 तथा पूर्व में जारी पत्र संख्या 862/29-7-2026 (2045629) दिनांक 27 अगस्त 2026 के क्रम में जनपद में इस नीति का प्रभावी अनुपालन कराया जाना है।
उन्होंने जनपद के सभी वाहन स्वामियों एवं उपभोक्ताओं से अपने वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की जांच कराने की अपील की है। जिन वाहनों का पीयूसीसी समाप्त हो चुका है या किसी कारण से अवैध हो गया है, उनके स्वामियों को तत्काल इसे वैध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वैध पीयूसीसी नहीं होने की स्थिति में संबंधित वाहन को ईंधन उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे समय रहते अपने वाहनों की पीयूसी जांच पूरी करा लें और प्रमाणपत्र को वैध रखें, ताकि ईंधन लेने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लागू किए जा रहे इस कार्यक्रम में सभी वाहन स्वामियों का सहयोग आवश्यक है। वाहन स्वामियों से देशहित में इस अभियान का हिस्सा बनने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।















