नर्मदा के बीच नाव में लगी भीषण आग, 6 यात्रियों की जान पर बनी आफत,

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गोमुख घाट के सामने 198 नंबर की एक नाव में अचानक भीषण आग लग गई। आग लकड़ी की नाव में लगे होंडा पेट्रोल इंजन में लगी।देखते ही देखते इंजन से आग की लपटें उठने लगीं और नदी के बीच मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई।

नाव में छह यात्री सवार थे हादसे के समय नाव में छह यात्री सवार थे। इंजन में आग लगते ही नाविकों ने बिना घबराए तत्काल स्थिति को संभाला। मौके पर मौजूद अन्य नाविकों की मदद से सभी छह यात्रियों को सुरक्षित रूप से दूसरी नाव में शिफ्ट कर दिया गया। समय रहते यात्रियों को बाहर निकाल लिए जाने के कारण इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।

नावों में आग लगने की घटनाएं पहले भी हुई

ओंकारेश्वर में नावों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में ब्रह्मपुरी घाट सहित नर्मदा के अन्य घाटों पर भी नावों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई मामलों में गोताखोरों और नाविकों ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से यात्रियों की जान बचाई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने नावों की सुरक्षा और उनके संचालन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

नगर परिषद ने इंजन जब्त करने के दिए निर्देश

घटना की गंभीरता को देखते हुए ओंकारेश्वर नगर परिषद की सीएमओ मोनिका पारधी ने नाव के इंजन को तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद की टीम अब आग लगने के कारणों की जांच में जुटी है। इंजन की स्थिति, नाव के संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

  • नर्मदा के बीच नाव में लगी आग
  • नाव में सवार थे छह यात्री
  • सभी यात्रियों को दूसरी नाव में पहुंचाया गया
  • नगर परिषद ने इंजन जब्त करने के दिए निर्देश
  • जर्जर नावों को हटाने के निर्देश

एडीएम ने घाटों पर होमगार्ड तैनाती के दिए निर्देश

मामले को लेकर खंडवा एडीएम श्रद्धा शुक्ला ने ओंकारेश्वर नगर परिषद को घाटों पर होमगार्ड जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कबाड़ या जर्जर हालत में चल रही नावों की सूची तैयार कर ऐसी नावों को नर्मदा नदी से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर भी सवाल

ओंकारेश्वर में नियमों के बावजूद कुछ नावों का बिना लाइफ जैकेट के संचालन किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। कई बार नावों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन कार्रवाई करता है।देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचते हैं। ऐसे में नर्मदा में नाव संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होना जरूरी है। जरूरत है कि प्रशासन लगातार निगरानी रखे, जर्जर नावों को हटाए, सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता सुनिश्चित करे और घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रखे, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।

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