आगरा। ताजमहल की सुरक्षा अब और पुख्ता होगी। ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में 90 सीसीटीवी कैमरे और लगाए जाएंगे। इससे यलो जोन में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। इससे स्मारक की सुरक्षा के साथ ही पर्यटकों के साथ ठगी करने वाले लपकों पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था दो जोन में बंटी हुई है। रेड जोन (स्मारक परिसर) में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और यलो जोन (500 मीटर की परिधि) में पुलिस व पीएसी सुरक्षा व्यवस्था संभालती हैं। ताजगंज प्रोजेक्ट में यलो जोन में वर्ष 2016 में सीसीटीवी कैमरे लगाते हुए कंट्रोल रूम बनाया गया था।
पथकर निधि के 2.10 करोड रुपये से छह माह में लगाए जाएंगे
इसके बाद में यहां स्मार्ट पोल भी लगाए गए, जिनमें पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। इनसे पूरे क्षेत्र पर नजर रखना संभव नहीं है। पथकर सलाहकार समिति की बैठक में ताजमहल के यलो जोन में 90 सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। एडीए ने अब सीसीटीवी कैमरे लगाने को टेंडर कर दिया है। छह माह में यलो जोन में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम 2.10 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
पथकर सलाहकार समिति की बैठक में पुलिस ने दिया था प्रस्ताव
सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ने से 500 मीटर के क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। टेंडर मिलने के बाद ठेकेदार को छह माह में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इससे ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था सख्त हो सकेगी। बीते कुछ दिनों में पर्यटन पुलिस ने ताजमहल के पास पर्यटकों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की है, लेकिन सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद यलो जोन में उनकी हर हरकत पर नजर रखना संभव हाे सकेगा।















