डोनाल्ड ट्रंप को इस साल भी शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा. इसकी बड़ी वजह अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध छेड़ना है. इस युद्ध के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं नोबेल कमेटी इस बार ऐसे शख्स को शांति पुरस्कार देने की तैयारी में है, जो ट्रंप का धुर-विरोधी हो. 2025 में वेनेजुएला का मचाडो को शांति का नोबेल दिया गया था. पुरस्कार लेने का बाद मचाडो ने इसे ट्रंप को सौंप दिया, जिसके कारण नोबेल कमेटी की भद पिटी थी.समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप को इस साल भी शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से कहा कि नोबेल समिति यह विचार कर रही है कि क्या इस बार इंटरनेशनल कोर्ट ट्रिब्यूनल को यह पुरस्कार दिया जा सकता है?
नोबेल शांति पुरस्कार: रेस में कौन-कौन?
9 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा प्रस्तावित है. इसके लिए नोबेल समिति के भीतर लगातार मंथन का दौर चल रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि इस बार नोबेल शांति पुरस्कार की रेस में डोनाल्ड ट्रंप के अलावा पोप लियो, इंटरनेशनल कोर्ट ट्रिब्यून , फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर यूएन के विशेष प्रतिवेदक और फ्रांसेस्का अल्बनीज सबसे आगे हैं.2025 में कंबोडिया, इजराइल और पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था. 2025 में आखिरी वक्त तक ट्रंप को नोबेल पुरस्कार मिलने की उम्मीद थी, लेकिन यह मचाडो को दे दिया गया.
एक्सपर्ट बोले- ट्रंप के इर्द-गिर्द ही फैसला
ओस्लो के शांति अनुसंधान संस्थान के कार्यवाहक निदेशक हाकॉन गेर्लो का कहना है कि समिति ऐसे व्यक्ति का चयन करने में सावधानी बरतेगी, जो पुरस्कार मिलने के बाद ट्रंप के दबाव का सामना कर सके.हार्कॉन का कहना है कि ट्रंप को इस बार नोबेल पुरस्कार नहीं मिल रहा है. ऐसे में जिसे मिलेगा, उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति जरूर दबाव डालेंगे. पिछली बार हमने यह देखा है.
एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार का नोबेल पुरस्कार ट्रंप के किसी धुर-विरोधी को दिया जा सकता है, जिससे यह संदेश दिया जाए कि अभी भी नोबेल के लिए लोकतंत्र और शांति जरूरी है.स्टॉकहोम इंटरनेशनल के डायरेक्टर करीम हग्गाग का मानना है कि पोप इस रेस में आगे हैं. पोप लियो लगातार ट्रंप प्रशासन और युद्ध के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.कुल मिलाकर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर जो भी फैसला हो, लेकिन यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इर्द-गिर्द ही रहने वाला है.















