बांदा। जिले में अपराध और दहशत का दूसरा नाम बने दाऊ गैंग की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। हत्या के मामले में पहले से उम्रकैद की सजा काट रहे तीन शातिर बदमाशों को अब गैंगस्टर एक्ट में भी अदालत ने करारा झटका दिया है। विशेष गैंगस्टर अदालत ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए गैंग के सरगना रामबहादुर सिंह उर्फ दाऊ सिंह और उसके दो गुर्गे कल्लू सिंह और बलराम उर्फ बल्लू को 4-4 साल की कठोर जेल और 6-6 हजार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दो महीने और जेल में रहना होगा। ये पूरा मामला कोतवाली नगर का है। पुलिस के मुताबिक दाऊ सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा था। ये गैंग पैसे और दबदबे के लिए हत्या, लूट, वसूली, मारपीट और अवैध हथियारों जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देता था। इनकी हरकतों से पूरे क्षेत्र में दहशत फैली हुई थी। पुलिस ने इनके आपराधिक इतिहास के आधार पर गैंगचार्ट बनाया था और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। इस गैंग में चार लोग थे, जिनमें से एक सुशील सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई।
इस केस में सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने दमदार पैरवी की। उन्होंने अदालत के सामने गैंगचार्ट, पुराने मुकदमों के रिकॉर्ड और सभी सबूत मजबूती से रखे। पैरोकार अभिलाष यादव और कोर्ट स्टाफ ने भी साक्ष्य जुटाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि तीनों आरोपी संगठित अपराध में लिप्त हैं। फैसला आते ही तीनों को हिरासत में लेकर जिला जेल बांदा भेज दिया गया। फैसले पर पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल ने कहा कि जनपद पुलिस संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। दाऊ गैंग जैसे कुख्यात अपराधियों को गैंगस्टर एक्ट में सजा दिलाना हमारी प्रभावी पैरवी का नतीजा है। ऐसे सभी अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।















