बांदा। बबेरू तहसील में अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा। एसडीएम की कथित मनमानी और न्यायालय की लचर कार्यप्रणाली से खफा वकीलों ने काली कोट में सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु दत्त पांडेय और महासचिव नरेंद्र कुमार यादव की अगुवाई में सैकड़ों वकीलों ने आपात बैठक बुलाई।वकीलों का साफ आरोप है बबेरू एसडीएम कोर्ट में न कोई समय है, न कोई प्रक्रिया। फाइलें धूल फांक रही हैं, वादकारी महीनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई के नाम पर सिर्फ तारीख।
यह न्याय नहीं, न्याय के नाम पर मजाक है।अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम न्यायालय की इस अनियमितता से सबसे ज्यादा परेशानी उन गरीब किसानों और वादकारियों को हो रही है जो 20-30 किमी दूर से किराया लगाकर तहसील आते हैं और उन्हें बिना सुनवाई के बैरंग लौटना पड़ता है। बार एसोसिएशन ने ऐलान किया कि 17 सितंबर से जो एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार शुरू किया गया था, वह अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।साथ ही कड़ी चेतावनी भी दी गई अगर जल्द ही कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो सिर्फ एसडीएम कोर्ट ही नहीं, बबेरू तहसील के सभी न्यायालयों का बहिष्कार किया जाएगा। तब इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर “एसडीएम होश में आओ” और “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारों से गूंज उठा। मौके पर बार के सभी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।















