मुजफ्फरनगर। इस्लामिया इण्टर कॉलेज की बदहाल स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं कॉलेज भवन की जर्जर हालत और लंबे समय से अपेक्षित विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर समाजसेवी शारिक खान ने आवाज उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले कॉलेज की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। भवन की हालत में सुधार नहीं होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।शारिक खान ने कहा कि कॉलेज के विकास के लिए समय-समय पर धनराशि उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आती रही है, लेकिन इसके बावजूद परिसर की स्थिति में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
ऐसे में यह जांच जरूरी है कि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि का इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया और अब तक कितना काम कराया गया।उन्होंने मांग की कि कॉलेज में कराए गए तथा प्रस्तावित विकास कार्यों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, उपलब्ध बजट, स्वीकृत कार्यों और खर्च की गई धनराशि का विवरण भी सामने लाया जाए। शारिक खान ने कहा कि मौके पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जा सके।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कराने और कॉलेज की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। कॉलेज की जर्जर स्थिति को लेकर उठे सवालों के बाद अब संबंधित जिम्मेदारों के जवाब और जांच के परिणाम पर लोगों की नजर है। निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कॉलेज के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का कितना और किस प्रकार उपयोग किया गया।























































