आरटीआई मामलों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती,

मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की अध्यक्षता में जन सूचना अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत लंबित मामलों और प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सूचना आयुक्त ने जनपद में आरटीआई आवेदनों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरटीआई अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को निर्धारित समय में सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को अधिनियम और उसके नियमों का भली-भांति अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि आवेदकों को समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से राज्य सूचना आयोग का रुख न करना पड़े।

राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि जनपद में वर्तमान में आरटीआई से संबंधित 162 मामले लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने तथा कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि आयोग में जनपद से संबंधित 565 मामलों में अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया जा चुका है। इनमें से कई मामलों में अर्थदंड की वसूली हो चुकी है, जबकि शेष मामलों में वसूली की प्रक्रिया जारी है।

बैठक में आयोग में होने वाली सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों की स्वयं अथवा अधिकृत सरकारी प्रतिनिधि के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर मुख्य विकास अधिकारी ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन देश दीपक सिंह, नगर मजिस्ट्रेट दीपक कुमार पाल, एडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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