बबेरू (बांदा)।मध्य कृषक सेवा समिति के जर्जर भवन पर प्रशासन की अचानक हुई बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पचास वर्षों से वहां काबिज परिवार की महिलाएं एसडीएम के सामने कागज लेकर न्याय की गुहार लगाती रहीं, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ तीन बुलडोजर पहुंचे और भवन को ध्वस्त कर दिया।
मुकदमे का पुराना इतिहास, अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, करीब 26 वर्षों से राजेंद्र प्रसाद पांडे बनाम मध्य कृषक सेवा सहकारी समिति के बीच मुकदमा चल रहा था, जो 5 सितंबर 2016 को समिति के खिलाफ खारिज हो गया था। मामला वर्षों तक ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन शुक्रवार को बिना किसी पूर्व सूचना के अपर जिला सहकारी अधिकारी अरुण कुमार तिवारी और सचिव जितेंद्र सिंह भदौरिया बुलडोजर लेकर पहुंचे और कार्यवाही शुरू कर दी।
विरोध में उतरीं महिलाएं, पुलिस ने हटाया
कार्रवाई के दौरान राजेंद्र प्रसाद पांडे, जो दोनों आंखों से दिव्यांग हैं, उनके बेटे अजय पांडे, बहुएं मंजरी देवी और प्रीति मौके पर पहुंचे और गुहार लगाते रहे कि हम जिस मकान में रह रहे हैं उसे न गिराया जाए। लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। विरोध करने पर महिला पुलिस को बुलाया गया और महिलाओं को किनारे किया गया।
सत्ता के दवाब का आरोप, गृहस्थी भी तबाह
पीड़ित मंजरी पांडे और प्रीति पांडे ने जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने आधी जमीन की मांग की थी, जिसे न देने पर प्रशासन की मिलीभगत से मकान गिरवाया गया। उन्होंने बताया कि लगभग 5 लाख रुपये का घरेलू सामान भी मलबे में दब गया है।
पुलिस ने विरोध करने वाले को उठाया
विरोध कर रहे अजय कुमार पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कोतवाली प्रभारी राजेंद्र कुमार राजावत ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
प्रशासन का पक्ष: भवन जर्जर था, कार्रवाई उचित
अपर जिला सहकारी अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि राजेंद्र पांडे समिति में कर्मचारी थे और 220 रुपये मासिक किराए पर रह रहे थे। नीलामी की सूचना एक स्थानीय अखबार में प्रकाशित कराई गई थी। एसडीएम रजत वर्मा ने महिलाओं के आरोपों को गलत बताया और कहा कि जमीन समिति की है और भवन बेहद जर्जर हो चुका था।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को लेकर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। लोग प्रशासन की निष्पक्षता और पीड़ित परिवार की दशा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।















