UAE को 3.5 अरब डॉलर लौटाएगा पाकिस्तान, सऊदी कर्ज विकल्प पर भी विचार.

पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात ( UAE) को 3.5 अरब डॉलर (करीब 29,000 करोड़ रुपए) के वित्तीय डिपॉजिट्स और कर्ज लौटाने का फैसला किया है। यह रकम साल 2018 से लगातार रोलओवर की जा रही थी, जिससे पाकिस्तान को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर बनाए रखने में मदद मिल रही थी। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने वाशिंगटन में रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें सऊदी अरब से संभावित कर्ज लेना भी शामिल है।

वित्त मंत्री से जब यह पूछा गया कि क्या यूएई को भुगतान के बाद सऊदी अरब से नए कर्ज के लिए बातचीत चल रही है, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार हर संभव वित्तीय विकल्प का आकलन कर रही है। इस बीच पाकिस्तान इस साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरो बॉन्ड जारी करने की भी योजना बना रहा है, ताकि बाहरी वित्तीय दबाव को कम किया जा सके और विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके।

हाल ही में, ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। शुक्रवार रात सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदआन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसे आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के नजरिए से अहम माना जा रहा है। इसके अगले ही दिन सऊदी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि पाकिस्तान का एक सैन्य दल सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र स्थित शाह अब्दुल अजीज हवाई अड्डे पर पहुंचा है, जिसमें वायुसेना के लड़ाकू और सहायक विमान शामिल हैं।

पाकिस्तान का कुल विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में लगभग 21 अरब डॉलर बताया जा रहा है, जिसमें यूएई के 2 अरब डॉलर डिपॉजिट्स और 1.5 अरब डॉलर का कर्ज शामिल है। अप्रैल की शुरुआत में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे सामान्य वित्तीय प्रक्रिया बताया था, लेकिन अब इस फैसले को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान अपनी आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को संतुलित करने के लिए बहुपक्षीय कदम उठा रहा है।

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