दिमाग को रखेंगे ताउम्र तेज; डिमेंशिया का रिस्क भी होगा कम

उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कमजोर होना और सोचने-समझने की क्षमता घटती जाना आम समस्या है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि कुछ सरल लेकिन प्रभावी जीवनशैली बदलाव अपनाकर आप अपने दिमाग को ताउम्र सक्रिय और तेज़ बनाए रख सकते हैं। एक हालिया स्टडी में यह साबित हुआ है कि सही आदतें डिमेंशिया जैसे रोग के खतरे को भी कम कर सकती हैं।

🔑 स्टडी में क्या सामने आया?

जर्नल “Neurology” में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाई—जैसे कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, भरपूर नींद और सामाजिक जुड़ाव—उनकी उम्र बढ़ने के बावजूद मस्तिष्क की क्षमता बेहतर बनी रही। साथ ही उनमें डिमेंशिया का खतरा 40% तक कम पाया गया।

🧘‍♀️ कौन से हैं ये छोटे लेकिन असरदार बदलाव?

1. नियमित व्यायाम करें

हर दिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि—जैसे टहलना, योग, तैराकी या साइक्लिंग—दिमागी कार्यक्षमता को सुधारती है। व्यायाम से ब्रेन में ऑक्सीजन और ब्लड फ्लो बेहतर होता है।

2. ब्रेन एक्टिविटीज़ करें

शतरंज, पहेलियां, नई भाषा सीखना, किताब पढ़ना या म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट बजाना जैसे काम मस्तिष्क को सक्रिय रखते हैं।

3. नींद को प्राथमिकता दें

हर रात कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें। नींद के दौरान मस्तिष्क विषैले पदार्थों को साफ करता है और स्मृति को मजबूत करता है।

4. संतुलित और ब्रेन-फ्रेंडली डाइट लें

फैटी फिश (जैसे सैल्मन), नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, बेरीज़ और हल्दी जैसी चीजें ब्रेन के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। प्रोसेस्ड फूड और बहुत अधिक शुगर से बचें।

5. सामाजिक रूप से एक्टिव रहें

दोस्तों और परिवार से बातचीत करें, सामूहिक गतिविधियों में भाग लें। अकेलापन और सामाजिक अलगाव डिमेंशिया का बड़ा कारण बन सकते हैं।

6. तनाव को करें नियंत्रित

ध्यान, प्राणायाम, वॉक या मनपसंद हॉबी के जरिए स्ट्रेस कम करें। लंबे समय तक तनाव मस्तिष्क पर बुरा असर डालता है।


🔍 विशेषज्ञों की राय
डॉ. नंदिता माथुर (न्यूरोलॉजिस्ट) के अनुसार, “दिमाग भी एक मांसपेशी की तरह है—जितना ज्यादा आप उसे एक्टिव रखेंगे, उतना ही वह तेज रहेगा। जो लोग जीवनशैली पर ध्यान देते हैं, उनमें याददाश्त की समस्याएं देर से आती हैं या नहीं के बराबर होती हैं।”

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