मखाना की कैसी होती है तासीर,

सुपरफूड की लिस्ट में मखाना भी शामिल है. ड्राई फ्रूट की तरह ये भी काफी महंगा मिलता है क्योंकि इसमें कई पोषक तत्व होते हैं. इसलिए इसे रोजाना खाने तक की सलाह दी जाती है. लेकिन मखाने जैसी हेल्दी चीज को खाने से पहले इसकी तासीर जान लेना जरूरी है. गर्मी का सीजन चल रहा है और इसमें ऐसी चीजों को खाना चाहिए जो न सिर्फ हाइट्रेडिंग हो बल्कि उनकी तासीर भी ठंडी हो. मखाना ड्राई फ्रूट का काम करता हो लेकिन इसकी तासीर ठंडी होती है. दअरसल, मखाना एक तरह का स्नैक्स है जिसे अगर भूनकर भी खाया जाए तो भी ये बहुत स्वाद लगता है. ये लो कैलोरी फूड है इसलिए वेट लॉस करने वालों के लिए ये बढ़िया ऑप्शन है.मखाना को भारत में अलग-अलग तरीकों से खाया जाता है. कुछ इसकी सब्जी बनाते हैं तो कहीं मखाना को दूध के साथ लेना पसंद करते हैं. इसके अलावा भी ये कई टेस्टी डिशेज में शामिल होता है. खाने में टेस्टी मखाना को गर्मी में खाना सही है या नहीं ये हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं. इसकी तासीर ठंडी है लेकिन फिर भी इसे कब खाना चाहिए और इन किन बातों का ध्यान रखा चाहिए? जानें गर्मी में मखाना को खाने से जुड़ी जरूरी बातें.

सुपरफूड मखाना के पोषक तत्व ।

मखाना के तत्वों की बात करें तो ये प्रोटीन का बड़ा सोर्स है. क्योंकि 100 ग्राम मखाना में करीब ~9.7 ग्राम प्रोटीन होता है. इसके अलावा कार्ब्स ~76.9 ग्राम, फैट ~0.1 ग्राम, फाइबर ~14.5 ग्राम, कैल्शियम ~60 एमजी और आयरन ~ 1.4 एमजी होता है. ये हमारी हड्डियों को नेचुरली मजबूत बनाता है क्योंकि इसमें कैल्शियम होता है. ये मसल्स को भी स्ट्रांग रखता है क्योंकि इसमें प्रोटीन भी होता है. मखाना को खाने का फायदा पेट को भी मिलता है क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा ही होती है. अगर आपको खून की कमी है तो इस कंडीशन में भी मखाना को खाना सही रहता है.यूथ या फिटनेस फ्रिक को मखाना खाना पसंद आता है क्योंकि ये वेट मैनेजमेंट में बेस्ट है. अगर आप इसे खाते हैं तो काफी देर तक पेट भरा रहता है. इस तरह भूख को कंट्रोल करने में हेल्प मिलती है.

मखाने की तासीर ।

जयपुर की आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं कि मखाना की प्रकृति ठंडी होती है. आयुर्वेद के मुताबिक ये वात और पित्त दोष को कंट्रोल में हेल्प करता है. एक्सपर्ट कहती हैं कि नाश्ते के बाद और लंच के पहले करीब 11 से 12 के बीच में मखाना को खाना सही रहता है. इस तरह बॉडी में एनर्जी बनी रहती है और इसे पचाना भी आसान होता है. तासीर ठंडी होने के बावजूद मखाना को गर्मी में खाते हुए कई बातों का ध्यान रखना चाहिए. चलिए आपको बताते हैं…

गर्मी में मखाना खा रहे हैं तो इन बातों का रखें ख्याल

इसमें फाइबर काफी होता है लेकिन इसे अगर ज्यादा खाया जाए तो गर्मी में डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम हो सकती है. कहते हैं कि ये पेट में जाने के बाद पचने के लिए पानी लेता है. इसलिए इसे लिमिट में खाना बेस्ट है और हाइड्रेशन का भी ख्याल रखना चाहिए.अगर कोई इंसान इसे ज्यादा खाता है तो इसमें मौजूद फाइबर फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने लगता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा फाइबर ही कब्ज का कारण बनने लगता है.मखाना को घी में भूनकर खाना बेस्ट है लेकिन इस दौरान भी ओवरइटिंग से बचना चाहिए. लोग शोक-शोक में घी में भुने हुए मखाने को लगातार खाते हैं जिससे बाद में कब्ज या पेट की दूसरी प्रॉब्लम्स हो जाती हैं.

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