दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष रहे और जनसंघ काल से ही दिल्ली में पार्टी की जड़ों को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। मल्होत्रा का राजनीतिक सफर पांच दशकों से भी अधिक लंबा रहा और उन्होंने संगठन को जमीन से खड़ा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विजय कुमार मल्होत्रा न सिर्फ दिल्ली बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक पहचान रखते थे। वे कई बार दिल्ली से सांसद और विधायक चुने गए। उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि तब सामने आई जब उन्होंने 1999 के लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार और उस समय के वित्त मंत्री मनमोहन सिंह को पराजित किया। इस जीत ने भाजपा को दिल्ली में एक बड़ी मजबूती दी और राष्ट्रीय स्तर पर भी संदेश दिया कि कांग्रेस के कद्दावर नेताओं को चुनौती दी जा सकती है।
जनसंघ और बाद में भाजपा में संगठनात्मक कार्यों के लिए मल्होत्रा हमेशा सक्रिय रहे। वे आरएसएस की विचारधारा से प्रेरित थे और दिल्ली में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत की। उनकी गिनती भाजपा के उन नेताओं में होती थी जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम माना और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ज्यादा संगठन को प्राथमिकता दी।
94 वर्ष की उम्र में उनके निधन से भाजपा ने न केवल एक वरिष्ठ नेता खोया है बल्कि संगठन के लिए प्रेरणा देने वाला व्यक्तित्व भी खो दिया है। दिल्ली की राजनीति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।























































