अलवर जिले के मालाखेड़ा क्षेत्र में स्थित महुआ टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले चार दिन पूर्व एक युवक की कटी हुई लाश कट्टे में बंद अवस्था में मिली थी। मृतक की पहचान उधोग नगर थाना क्षेत्र के नाहरपुर गांव निवासी राम भरोसी चौधरी के रूप में हुई थी। यह जघन्य हत्याकांड पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला चुका है, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की जांच शून्य नजर आ रही है। इसी को लेकर मंगलवार को नाखुश ग्रामीण बड़ी संख्या में मालाखेड़ा थाने पहुंचे और थानाधिकारी से वार्ता की। ग्रामीणों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलवर की पुलिस अधीक्षक प्रियंका यादवुंशी को भी अवगत कराया। एसपी ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय लोगों में रोष है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून व्यवस्था चरमराई हुई प्रतीत हो रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन चार दिन बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राम भरोसी चौधरी की निर्मम हत्या किसने और क्यों की।















