मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा है। मामला उनके द्वारा महिला सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान से जुड़ा है। विजय शाह ने सार्वजनिक मंच से कर्नल कुरैशी पर अनुचित टिप्पणी की थी, जिससे व्यापक आलोचना हुई थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और पूछा कि क्या यह एक मंत्री के लिए उपयुक्त भाषा है? न्यायालय ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को अपने शब्दों में संयम बरतना चाहिए, विशेषकर जब बात सेना जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की महिला अधिकारी की हो।
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक सम्मानित अधिकारी हैं, जो कई मिशनों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि नेताओं को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए और सार्वजनिक मंचों से इस प्रकार की टिप्पणियों से बचना चाहिए।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि राजनीति में भाषा और व्यवहार की शिष्टता कितनी जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि मर्यादा सभी पदों पर अनिवार्य है।















