मुजफ्फरनगर। देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री की दूरदर्शी पहल “विकसित भारत 2047″ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार ने “समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047″ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य के नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना, विकास की दिशा में उनकी आकांक्षाओं को समझना और उन्हें सहभागी बनाकर गर्व की भावना विकसित करना है। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर में भी 10 और 11 सितम्बर, 2025 को दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट की प्रक्रिया में प्रदेशभर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों, जैसे सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, वन सेवा, कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, वैज्ञानिकों और अभियंत्रण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनकी सहमति के आधार पर जनपदवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। लखनऊ में 4 सितम्बर, 2025 को एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन के बाद चयनित प्रबुद्धजनों को उनके–उनके जनपदों में भेजा गया है।
इस अभियान के तहत प्रबुद्धजन अपने आवंटित जनपदों में 2 दिन तक प्रवास करेंगे। इस दौरान वे छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया और आम नागरिकों के बीच पहुंचकर बीते 8 वर्षों में प्रदेश की विकास यात्रा से उन्हें अवगत कराएंगे। साथ ही भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर जनमानस से फीडबैक भी लेंगे, ताकि राज्य के विकास की रणनीति में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।मुजफ्फरनगर में निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत 10 और 11 सितम्बर को विभिन्न लक्षित समूहों के साथ संवाद आयोजित होंगे। इन संवादों में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के साथ–साथ 2047 तक के विकास लक्ष्यों को लेकर चर्चा होगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि नागरिकों में न केवल जागरूकता बढ़े बल्कि वे अपनी राय व सुझाव साझा कर राज्य के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में सहयोग करें।अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। इसी के तहत जनपद और विकास खंड स्तर पर अधिकारियों को अलग–अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सक्रिय भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।“समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047″ अभियान के अंतर्गत होने वाली इस पहल से न केवल प्रदेशवासियों को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें राज्य के दीर्घकालिक विकास में सक्रिय सहयोग का अवसर भी प्राप्त होगा। मुजफ्फरनगर में होने वाला यह आयोजन प्रशासन और नागरिकों के बीच सेतु का कार्य करेगा और यह संदेश देगा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इसकी प्रक्रिया में सहभागी बनेगा।















