मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर योजना, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में निर्मित विभिन्न श्रेणियों के भवनों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संपन्न कराया गया। इस योजना के अंतर्गत कुल 44 रिक्त भवनों के सापेक्ष डूडा विभाग द्वारा 197 आवेदन पात्र पाए गए थे। बाद में इनमें से तीन आवेदकों ने अपनी जमा धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन कर दिया, जिसके बाद कुल 194 आवेदक लॉटरी प्रक्रिया में शामिल हुए।अन्य पिछड़ा वर्ग दिव्यांग श्रेणी के लिए आरक्षित दो भवनों के सापेक्ष कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण कुल 44 में से 42 भवनों के लिए ही लॉटरी (ड्रॉ) का आयोजन किया गया। लॉटरी प्रक्रिया का आयोजन पूरी तरह पारदर्शी ढंग से किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की शंका या असंतोष की गुंजाइश न रहे।भवन आवंटन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीना के कुशल नेतृत्व में यह आयोजन संपन्न हुआ। नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
इसके अलावा विकास प्राधिकरण के नामित सदस्य शरद शर्मा, श्रीमोहन तायल और गजे सिंह की भी उपस्थिति रही।आवंटन की प्रक्रिया शासन द्वारा गठित समिति की देखरेख में कराई गई। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जो जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित थे, विकास प्राधिकरण के सचिव, जिन्हें उपाध्यक्ष द्वारा नामित किया गया था, वित्त एवं लेखाधिकारी, विकास प्राधिकरण तथा परियोजना अधिकारी, डूडा के प्रतिनिधि शामिल रहे। समिति की मौजूदगी में सभी आवेदकों के सामने लॉटरी निकाली गई, जिससे चयन प्रक्रिया पर सभी को भरोसा बना रहे।कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आवेदक मौजूद रहे, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से पूरी प्रक्रिया को देखा। जैसे-जैसे लॉटरी के माध्यम से भवनों का आवंटन होता गया, चयनित आवेदकों में खुशी देखी गई। वहीं जिन आवेदकों का चयन नहीं हो सका, उन्होंने भी प्रक्रिया की पारदर्शिता को स्वीकार किया।मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य के तहत सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह आवंटन किया गया है।पूरे आयोजन के दौरान मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की कवरेज की। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार की योजनाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता का भरोसा सरकारी योजनाओं पर बना रहे।
















