पाकिस्तान की तरफ चीन ने मदद का हाथ बढ़ाया है. पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ित इलाकों के लिए चीन ने मदद भेजी है. पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार, चीनी सरकार की ओर से राहत सप्लाई की पहली खेप रविवार को पाकिस्तान पहुंची.
दो चीनी राहत विमान 300 तंबू और 9,000 कंबल लेकर पाकिस्तान के पूर्वी जिले रावलपिंडी में उतरे. NDMA ने कहा कि यह चीन की ओर से मुश्किल समय में पाकिस्तान के साथ अटूट एकजुटता को सामने रखता है. इस मौके पर पाकिस्तान के कश्मीर मामलों और गिलगित-बाल्टिस्तान एवं SAFRON मंत्री, आमिर मकाम ने चीनी सरकार और जनता का तहे दिल से आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह मदद हजारों बाढ़ प्रभावित परिवारों को बहुत जरूरी राहत पहुंचाएगी.
चीन ने बढ़ाया मदद का हाथ
बीजिंग ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि चीन पाकिस्तान को मानसूनी बारिश और बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद 14 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹117.6 करोड़ की राहत सामग्री देगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के अनुसार, इस महीने संयुक्त राष्ट्र ने भी अपने सेंट्रल इमरजेंसी रिस्पॉन्स फंड (CERF) से पाकिस्तान की बाढ़ राहत कोशिशों के समर्थन के लिए 50 लाख डॉलर जारी किए हैं.
मंत्री आमिर मकाम ने बताया कि इस साल जून से भारी बारिशों की वजह से पाकिस्तान में बाढ़ आई है, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बुनियादी ढांचे, घरों और फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा. चीन से मिली यह राहत सामग्री बचाव कार्यों में अहम भूमिका निभाएगी. पाकिस्तान में चीनी राजदूत जियांग ज़ैडोंग ने कहा कि चीन की यह मदद दिखाती है कि हम सबका भविष्य एक है और मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देना चाहिए.
पाकिस्तान में बाढ़ से मची तबाही
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाल की मानसूनी बाढ़ से हुए नुकसान पर रिपोर्ट एक हफ्ते के अंदर तैयार करें. जून के अंत से शुरू हुए मानसून में अब तक पाकिस्तान में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. खैबर पख्तूनख्वा (KP) में सबसे ज्यादा 500 से ज्यादा मौतें हुईं, जबकि अगस्त के अंत में पंजाब में तेज बारिश की वजह सेआई बाढ़ से 300 से ज्यादा लोगों की जान गई.
पंजाब में 4,700 से ज्यादा गांव पानी में डूब गए, जिससे 47 लाख लोग प्रभावित हुए. प्रांत ने अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसमें 26 लाख लोगों और 21 लाख जानवरों को सुरक्षित निकाला गया. शहबाज शरीफ ने कहा, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन जल्द पूरा होना चाहिए ताकि राहत और पुनर्वास के लिए सही योजना बनाई जा सके. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक सप्ताह के अंदर पूरी रिपोर्ट पेश करें.
पाक-चीन के रिश्ते
पाकिस्तान और चीन मई 1951 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से काफी अच्छे दोस्त हैं. दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं. दोनों देशों ने दशकों से एक-दूसरे का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन किया है. चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है. चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.
चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC), जो बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का हिस्सा है, दोनों देशों के रिश्तों का सबसे बड़ा आर्थिक प्रोजेक्ट है. इसमें सड़कें, रेल, ऊर्जा परियोजनाएं और ग्वादर पोर्ट शामिल हैं. प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, भूकंप) में चीन हमेशा पाकिस्तान की मदद करता है.















