मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव निजामपुर से एक सनसनीखेज अपहरण कांड सामने आया है, जिसमें गांव के पूर्व प्रधान कुलदीप का अपहरण कर उन्हें लगभग 22 घंटे तक एक कार में बंधक बनाकर रखा गया। अपहरणकर्ताओं ने कुलदीप को उनके ही घर से बुलाया और फिर अल्टो कार में बैठाकर जंगलों में लगातार इधर–उधर घुमाते रहे। इस दौरान उन्हें मारपीट का शिकार बनाते हुए बदमाश लगातार उनके परिवार से एक लाख रुपये की फिरौती की मांग करते रहे।शुरुआत में कुलदीप के परिवार ने डर या दबाव के चलते पुलिस को सूचना नहीं दी, लेकिन जब कुछ अहम सुराग हाथ लगे, तो पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। इस मामले में सीओ खतौली, एसओजी, सर्विलांस और मंसूरपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बदमाशों को ट्रैक कर लिया। पुलिस के पहुंचते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि चार अन्य साथियों को भी दबोच लिया गया।पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अपहरण के पीछे कुलदीप की हरिद्वार स्थित करोड़ों रुपये की संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी थी। बदमाशों का मकसद न केवल फिरौती वसूलना था, बल्कि संपत्ति पर दबाव बनाकर कब्जा करना भी था। आरोपियों ने साजिश के तहत कुलदीप को अगवा किया और उन्हें लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बदमाशों के कब्जे से फिरौती की रकम, हथियार और एक कार बरामद की गई है। पुलिस अब सभी गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है और आम जनता ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।























































