अलवर। अरावली विहार थाना पुलिस ने एक हनी ट्रैप केस का खुलासा करते हुए एक महिला और युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस आत्महत्या के मामले में हुई है, जिसमें भरतपुर निवासी रोहिताश ने 8 मार्च 2025 को एक निजी अस्पताल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।
थाना प्रभारी रामेश्वर लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आत्महत्या स्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। उसमें रोहिताश ने अपनी मौत के लिए दो लोगों को जिम्मेदार ठहराया था—शिवचरण गुर्जर और उसकी महिला साथी शारिका मेव (निवासी धोली दुब)। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने रोहिताश को प्लॉट देने का दबाव बनाया और उससे ₹15,000 भी वसूले।
इतना ही नहीं, आरोपी लगातार मृतक की पत्नी को भी फोन कर मानसिक दबाव बना रहे थे। रोहिताश का भाई पहले ही थाने में शिकायत दर्ज करा चुका था कि उसका भाई कई दिनों से मानसिक तनाव में था और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं पुलिस को भी इस केस में बड़ी सफलता मिली है।















