गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति योजना पेश की है। इस योजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि भारत हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है और मध्य पूर्व में अमन कायम करने के लिए अमेरिका के प्रयासों का समर्थन करता है।
ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इस 20 सूत्री योजना पर सहमति जताने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने इसे शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी कि यदि हिंसा और हमले नहीं रोके गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने भरोसा जताया कि इस योजना से इजरायल और फिलिस्तीन दोनों को स्थायी शांति का रास्ता मिलेगा।
मोदी ने कहा कि भारत की विदेश नीति का आधार विश्व शांति और आपसी सहयोग है। भारत हर उस प्रयास का समर्थन करता है जिससे संघर्ष कम हो और निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गाजा क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और ऐसे में शांति स्थापित करना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की इस पहल को भारत का समर्थन मिलने से वैश्विक स्तर पर इसकी अहमियत और बढ़ गई है। मोदी के बयान से यह संदेश गया है कि भारत केवल एशिया ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर शांति की बहाली में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
इस तरह गाजा संकट के समाधान के लिए ट्रंप की शांति योजना को भारत का समर्थन मिलने से कूटनीतिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिली है। उम्मीद की जा रही है कि यह योजना आने वाले समय में लंबे समय से चल रहे इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को कम करने में मददगार साबित होगी।















