मुजफ्फरनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान कराया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रगान में सहभागिता की। इस दौरान जिलाधिकारी ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महान वीर सपूतों के त्याग, बलिदान और समर्पण के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में गौरव के साथ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि देश की सेवा के लिए समर्पित रहकर अपने पद की गरिमा बनाए रखना और अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से पालन करना ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। राष्ट्र के प्रति ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे उन महान आत्माओं को दुख पहुंचे। सभी को ऐसे कार्य करने चाहिए, जिससे देश निरंतर विकास और प्रगति की ओर आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी को देश, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली महान विभूतियों को नमन करने का अवसर मिला है। देश आज राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामरिक क्षमताओं के साथ विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों को मिष्ठान, छाता एवं शाल भेंट कर तथा माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही स्कूली बच्चों को पुरस्कार एवं स्कूली बैग देकर प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में जामुन का पौधा भी लगाया।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने कहा कि आजादी हमें अमर शहीदों के बलिदान से मिली है, इसलिए हमें स्वतंत्रता के महत्व को समझते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन देश दीपक सिंह ने कहा कि अनेक वीरों की कुर्बानी के बाद देश स्वतंत्र हुआ और आज भारत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुशील कुमार यादव ने अधिकारियों से आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं ईमानदारी से निस्तारण करने का आह्वान किया।नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़, उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट कृष्णकांत सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
























































