मुजफ्फरनगर जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने शुक्रवार को थाना खालापार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जुम्मे की नमाज के अवसर पर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस बल को ब्रीफ किया और आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश देते हुए पैदल गश्त, चेकिंग और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया।अधिकारियों ने भीड़–भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हर समय तैयार रहना होगा। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों के जरिए विभिन्न स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और अन्य माध्यमों पर भी पुलिस की कड़ी नजर है। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक संदेश अथवा गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी बताया कि जुम्मे की नमाज को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस बल की तैनाती पहले से ही की गई थी। मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से सक्रिय रहे। पुलिस बल ने नमाज के दौरान आने–जाने वाले मार्गों पर भी विशेष सतर्कता बरती। लोगों की सुविधा और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यातायात की व्यवस्था भी सुचारू रखी गई।अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए जनसहयोग आवश्यक है। नागरिकों से अपील की गई कि वे पुलिस की मदद करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं। पुलिस ने भी भरोसा दिलाया कि जनसहयोग से जिले में शांति और भाईचारे का माहौल कायम रहेगा।पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल की सतर्कता और सक्रियता स्पष्ट रूप से नजर आई। लोगों ने भी प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। प्रशासन की सतर्कता और पुलिस की चौकसी के चलते जुम्मे की नमाज सकुशल और शांति के बीच संपन्न हुई। इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।मुजफ्फरनगर प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई इस तैयारी और सख्त निगरानी से साफ है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार गश्त, आधुनिक तकनीकी निगरानी और जनसहयोग के माध्यम से प्रशासन ने यह साबित किया कि जिले में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।















