देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक थाईलैंड की महिला को फर्जी NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) अधिकारी बनकर ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने इस विदेशी महिला को बैंकॉक से दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद हिरासत में लिया। उसके पास से 11.350 किलो हाइड्रोपोनिक वीड (Hydroponic Weed) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही महिला के पास से एक फर्जी पहचान पत्र भी मिला है, जिस पर NIA अधिकारी के रूप में उसकी पहचान दर्ज थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला बैंकॉक से फ्लाइट नंबर AI-2335 से दिल्ली पहुंची थी। एयर इंटेलिजेंस यूनिट की टीम ने पहले से उसकी प्रोफाइलिंग कर रखी थी और उस पर नजर रखी जा रही थी। जब वह इमिग्रेशन और कस्टम क्षेत्र में पहुंची, तो अधिकारियों ने उसके व्यवहार पर शक जताया। जांच के दौरान महिला वॉशरूम में चली गई और वहां उसने अपने कपड़े बदल लिए। उसने ग्रे रंग की जैकेट पहन ली ताकि खुद को सरकारी अधिकारी के रूप में पेश कर सके और जांच से बच सके।
महिला ने जांच के दौरान खुद को NIA की अधिकारी बताया और कहा कि उसके पास “गुप्त मिशन” की अनुमति है, लेकिन जब अधिकारियों ने उसके पहचान पत्र की जांच की तो वह फर्जी निकला। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने उसका सामान खंगाला, जिसमें सूटकेस के भीतर विशेष तरीके से छिपाई गई 11.350 किलो हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई। यह ड्रग्स की वह किस्म है जो हाई-क्वालिटी मानी जाती है और इसकी स्मगलिंग अक्सर एयर रूट से की जाती है।
पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे यह सामान बैंकॉक से किसी अज्ञात व्यक्ति ने सौंपा था और दिल्ली पहुंचने के बाद इसे किसी एजेंट को देना था। हालांकि वह यह नहीं बता सकी कि दिल्ली में उसका संपर्क कौन था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने पहले भी कई बार भारत की यात्रा की थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ी हो सकती है।
फिलहाल महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। कस्टम विभाग ने बरामद किए गए ड्रग्स को जब्त कर मामले की जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और NIA को भी दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला ने यह फर्जी पहचान पत्र कहां से तैयार करवाया और उसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसे मामलों पर और कड़ी निगरानी रखेंगी, क्योंकि यह मामला न केवल ड्रग्स तस्करी से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के नाम का दुरुपयोग करने से भी संबंधित है। यह घटना यह भी दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफिया अब नए-नए तरीके अपनाकर भारत में नशे की सप्लाई चेन को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।














