बचपन की यादों से जुड़ी इमली, स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना.

स्कूल की छुट्टी के बाद गली के ठेले से 2 रुपये की इमली खरीदकर खाते हुए घर लौटने की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं। कभी गलियों और गांवों में आसानी से मिलने वाली कच्ची और पकी इमली अब धीरे-धीरे हमारी जिंदगी से दूर होती जा रही है। लेकिन यह सिर्फ एक खट्टा-मीठा स्वाद नहीं, बल्कि सेहत के लिए बेहद फायदेमंद प्राकृतिक खजाना भी है। आज भी दक्षिण भारत के कई व्यंजनों जैसे सांभर और रसम में इमली का इस्तेमाल स्वाद को खास बना देता है।

न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, इमली का सेवन शरीर के लिए कई तरह से लाभकारी होता है। कच्ची इमली वात, पित्त और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करती है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक होती है, हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। वहीं पकी हुई इमली, जो हल्की मीठी और गूदेदार होती है, पेट के कीड़ों को खत्म करने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है। इससे किडनी की सेहत में सुधार होता है और थकान भी दूर होती है।

सूखी इमली का पाउडर भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका उपयोग शरीर की प्रकृति के अनुसार करना चाहिए। यह भी पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है। पोषण के लिहाज से देखें तो इमली में मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और कॉपर जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन बी1, बी2 और बी3 भी अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस तरह इमली न केवल बचपन की मीठी यादों को ताजा करती है, बल्कि सही मात्रा में इसका सेवन करने से यह सेहत को भी कई तरह से फायदा पहुंचा सकती है।

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