मुजफ्फरनगर में दा एस.डी. पब्लिक स्कूल, जानसठ रोड में मिशन शक्ति 5.0 और साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान, आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण और विश्वास का वातावरण सुनिश्चित करना था। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह पहल की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक अपराध, इन्दु सिद्धार्थ द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस अधीक्षक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को महिलाओं और बालिकाओं के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समर्पित विभिन्न सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी। इनमें डायल-112, हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102 और एम्बुलेंस सेवा-108 आदि शामिल हैं। इसके अलावा मिशन शक्ति केंद्र और स्थानीय थाने पर उपलब्ध सहायता के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में महिलाओं केंद्रित सरकारी योजनाओं जैसे निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान योजना और महिला शक्ति केंद्र योजना आदि की जानकारी भी दी गई। उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रकारों के बारे में भी अवगत कराया गया। इसमें ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, फिशिंग, इंस्टाग्राम फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग और एपीके फाइल से संबंधित खतरे शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सुरक्षित पासवर्ड का उपयोग करना, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करना, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करना, ओटीपी साझा न करना और संदिग्ध कॉल या मैसेज से सतर्क रहना महत्वपूर्ण है। डिजिटल अरेस्ट के बारे में भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस कभी भी वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, और यदि ऐसा कोई प्रयास करता है तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया जाना चाहिए।
सभी उपस्थित लोगों को साइबर हेल्पलाइन नंबर-1930 और साइबर क्राइम पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्कूल प्रधानाचार्या, नीलम महाना, और राजीव भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून की टीम के साथ पुलिस के अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण, शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा, सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।























































